EGAP प्रधान शोधकर्ता: Mark Buntaine, Sarah Bush, Ryan Jablonski, Daniel Nielson, Paula Pickering
स्थान : यूगांडा

Registration: 20151119AA

हस्तक्षेप करने की तारीख : फ़रवरी - मार्च 2016 (मार्च 2016 होने वाले पार्षदों के चुआव के )

पृष्ठभूमि: यूगांडा एक सेमी-डेमोक्रेटिक देश है जो भ्रष्टाचार और कुशाषन से ग्रस्त है। यूगांडा में नियमित रूप से चुनाव तो होते रहते है पर बाहरी पर्वेक्षको के हिसाब से चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होते। यूगांडा के नागरिको की राष्ट्रीय स्टार पर राजनैतिक जानकारी बहुत अच्छी है। 2012 में एक राष्ट्रीय स्तर पर किये गए सर्वे से पता चलता है की 83 % नागरिक अपने MP का नाम बता सकते है और 70 % अपनी महिला प्रतिनिधि का नाम जानते है। लगभग दो तिहाई नागरिक रेडियो के माध्यम से समाचार प्राप्त करते है। (Miller et. al 2014) लेकिन यूगांडा में हुए विकेंद्रीकरण पर जो रिसर्च हुआ है उससे पता चलता है की नागरिको को स्थानीय सरकार (local government) के कामकाज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है इसलिए वो स्थानीय सरकार के कामकाज में ना ही भागीदारी कर पाते और ना ही उन्हें जबावदेह बना पाते है (Natamba et. al 2010। इस अध्धयन में ये समझने की कोशिश की जाएगी कि कैसे मोबाइल फ़ोन के माध्यम से दी गयी अलग अलग तरीके की जानकारी लोगो के राजनैतिक क्रिया और वोट देने के फैसले पर असर करता है। यह रिसर्च उन अध्ययनों से प्रभावित है जो दिखाते है की लोगों को अगर राजनेताओ की भ्रष्टाचार में लिप्तता (Ferraz and Finan 2008) या फिर नागरिक अपने प्रतिनिधियों से अच्छी सार्वजनिक सेवाओं (Quality of public services) की अपेक्षा रखते है (Habyarimana et. al 2009) के बारे में बताया जाये तो उनके वोट किसको देना है उस निर्णय पर फरक पड़ता है।

रिसर्च डिज़ाइन: इस रिसर्च में कॉमन ट्रीटमेंट की मदद से यह जानने की कोशिष की जाएगी की स्थानीय बजट प्रबंधन के बारे में जानकारी देने से वोटरों के रवैये और व्यव्हार पर क्या असर पड़ता है। कॉमन ट्रीटमेंट ग्रुप में उन पोलिंग बूथ के वोटरों को ऑडिटर जनरल के तरफ से जारी आधिकारिक बयान की जानकारी दी जाएगी जो क्षेत्रीय समिति के बजट के बेहिसाब हिस्से की जानकारी है।  वैकल्पिक ट्रीटमेंट दो तरीको से होगा:  (1) वोटरों को क्षेत्र लेख परीक्षा (field audit) के आधार पर सड़क की हालत, पीने के पानी की गुणवत्ता, और सॉलिड वेस्ट से निपटने के तरीके के बारे में बाकी ज़िलों की क्या स्थिति है उसके बारे में तुलनात्मक जाकारी दी जाएगी। (2) अगर वोटरों को इस बारे में जानकारी दी जाये की उनके ज़िले के प्रोजेक्ट्स विदेशी पैसे से हो रहे है तो क्या उसका प्रभाव अलग होगा। यह सारी जानकारियाँ के SMS के माध्यम से दी जाएगी।  

प्रकल्पना :
  • अगर वोटरों को सार्वजनिक सेवाओं के बारें में तुलनात्मक जानकारी दी जाएगी तो वह उनके मतदान व्यव्हार पर असर करेगा क्योंकि सूचनाओं की जानकारी वोटरों के हित से जुडी होती है। 
  •  उत्तरदाता इन जनक्रियों का इस्तेमाल करेंगे की वो कैसे अलग अलग तरीको से राजनीती में भागीदारी रखते है जैसे नेताओ के कामकाज के बारे में, अपने पार्षदों से संपर्क कर, और किसी सार्वजनिक प्रोग्राम के लिए दरख्वास्त पर हस्तक्षार करके।  
  • बजट लेखा और सार्वजनिक सेवाओं के बारे में अनुकूल जानकारी पदधारी नेताओं (incumbent politician) के वोट बढ़ाएगा और प्रतिकूल जानकारियाँ विपक्ष के नेताओं के वोट बढ़ाएगा। 
  •  जब बजट लेखा और सार्वजनिक सेवाओं में औसत से बेहतर प्रदर्शन की जानकारी होगी तो लोगों की अपने जन प्रतिनिधियों के बारे में सकारात्मक धारणा होगी बजाय की जब उन्हें औसत से नीचे के प्रदर्शन की जानकारी होगी। 
  • सूचना की जानकारी का वहां असर कम होगा जहाँ पहले से ही पदधारी नेता बेहतर होगा, बजट में अनिमियताए कम होंगी, और सार्वजनिक सेवाएं बेहतर होंगी क्योंकि उन जगहों पर नागरिक ज्यादा सतर्क होंगे और शाशन अच्छा चल रहा होगा (Banerjee et. al. 2011)