सिविल सोसाइटी संगठन नेताओं के प्रदर्शन पर उच्च गुणवत्ता वाले सार्वजनिक जानकारी के लिए जरूरत पर जोर देते रहे है। लेकिन, क्या वास्तव में यह जानकारी एक कमजोर संस्थागत वातावरण (weak institutional environment) में कोई फर्क डालती है? क्या यह जानकारी चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के लिए नेताओं को पुरस्कृत करता है या फिर जातीय संबंध और संरक्षक-असामी (patron-client) संबंध ही मतदान के निर्णय को प्रभावित करते है ? मेटकिटा ने विकासशील देशों में राजनीतिक जवाबदेही को बढ़ावा देने में जानकारी की भूमिका का आकलन करने के लिए प्रायोगिक परियोजनाओं की एक श्रृंखला लागू करने का फैसला लिया है जिससे इन सवालों के जवाब मिल सकें।

मेटकिटा के इस दौर की शुरुआत Fall 2013 के अंत  में हुई और अगले चार साल तक चलेगी। इस दौर में सात परियोजनाओं को अनुदान दिया गया है - जिसमे $ 175,000 से $ 300,000 तक की अनुदान राशि को  बेनिन, ब्राजील, बुर्किना फासो, भारत और मैक्सिको को एक, और युगांडा में के दो परियोजनायों को दिया गया है। सभी परियोजनाओं में सूचना के हस्तक्षेप (informational intervention) का उपयोग कर मतदाताओं को नेताओं के प्रदर्शन के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के प्रभाव का आकलन करने के लिए किया गया। 

इसके अलावा, प्रत्येक स्टडी में कम से कम एक पूरक हस्तक्षेप शामिल है। इस दौर में, कई परियोजनाओं में मतदाताओं को अलग-अलग (individually -first arm) जानकारी प्रदान करने (collectivelly -first arm) के प्रभाव की तुलना सामूहिक रूप से जानकारी देने से की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए प्रस्ताव के लिए अनुरोध (Request for Proposal) और प्रारंभिक अभिव्यक्ति  की आख्या (Expression of Initial Interest) को देखें।

मेटकिटा पहल के बारें में और जानकारी के लिए जैकलीन लीवर (EGAP की सीनियर रिसर्च मेनेजर) को संपर्क करे - Jaclyn Leaver at jleaver@berkeley.edu 


Metaketa I Projects

क्या लोगों को जानकारी देने से सार्वजानिक सेवाओं की पूर्ती बेहतर हो सकती है ?
मुख्य शोधकर्ता: Claire Adida, Jessica Gottlieb, Eric Kramon, Gwyneth McClendon

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