मेटकिटा पहल आठ सिद्धांतो पर आधारित है:

1. शोध समूहों के बीच समन्वय

मेटकिटा पहल अनुदानित शोध समूहों के बीच समन्वय और स्वस्थ प्रतियोगिता उत्पन्न करना चाहता है।  अगले सात स्तम्भ पूरी तरह से इस सहयोग पर निर्भर करते हैं। इस  परियोजना में इस प्रकार की एकता  संचालन समिति द्वारा आयोजित सफल आवेदकों के साथ बैठकों के माध्यम से प्राप्त हुई है। 

 2. पूर्वनिर्धारित  विषयवस्तुए और तुलनीय  हस्तक्षेप 

शोधकर्ताओं का समूह एक जैसे सवालों और तुलनात्मक अध्ययन के हस्तक्षेप पर काम कर रहा है। विषय दो तरीके से पूर्व निर्धारित किये गए हैं: (1) सामान्य सैद्धांतिक प्रश्नों के माध्यम से, और (2) चयन  के समय ऐसे टीमों को प्राथमिकता दी गई है जिनके माध्यम से तुलनात्मकता अनुसंधान को बढ़ावा मिले।  

3. तुलनीय मापक 

शोधकर्ताओं का समूह  कार्यशालाओं (workshops) के दौरान तय किये गए परिणामो को मापने पर ही काम करेंगी।  शोधकर्ताओं को परिणामों के आंकलन हेतु क्रियान्वन चरण के दौरान इकठ्ठा किये हुए डाटा और हस्तक्षेप (intervention) के प्रभाव को  जानने के लिए मिश्रित  तरीकों (mixed-method) का  उपयोग  करने के लिए प्रोत्साहित  किया जाएगा।

 4. एकीकृत केस सिलेक्शन 

प्रस्तावों को इस बारें में बताना होगा की एक हस्तक्षेप किस चैनल के माध्यम से परिणाम को प्रभावित कर सकता है। और चुने हुए अनुसंधान संदर्भ में उस चैनल के बारें परिकल्पना (hypothesis) भी बताना होगा। यह शोध स्थल के चयन को सही ठहराने के साथ साथ परिकल्पना की पूर्व-विनिर्देश (ex-ante specification) और अधिक से अधिक संदर्भों में विषम प्रभाव के बारे में भी बेहतर जानकारी दे सकते है ।

5. पूर्व -पंजीकरण (pre-registration)

वित्त-पोषित शोधों को EGAP के पारदर्शिता मानक पर खरा उतरना होगा(http://egap.org/resources/egap-statement-of-principles). विशेष रूप से वित्त-पोषित शोधकर्ताओं की रिसर्च डिजाइन  संशोधन  के लिए की गयी प्रारंभिक बैठक के बाद और डेटा संग्रह से पहले एक प्रोटोकॉल देना अनिवार्य होगा जो यह अवगत कराये कि: a) अध्ययन के उद्देश्य का वर्णन ; b) किन परिकल्पनाओं का परीक्षण होगा ; c) मेन आउटकम वेरिएबल; और d) डेटा विश्लेषण के लिए कौन से टेस्ट और परिक्षण किये जायेंगे। इसके अलावा, वित्त-पोषित सभी अध्ययनों को पूर्व पंजीकृत किया जाएगा, साथ में किस तरह के तुलनात्मक और पूल्ड अध्ययन के प्रयास किये जायेंगे यह भी स्पष्ट करना होगा।  

6. तृतीय-पक्ष विश्लेषण 

अनुसंधान टीमों को अपने डेटा सार्वजनिक तौर पर मुहैय्या करवाना होगा और मेटकिटा  तृतीय-पक्ष विश्लेषण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगा जिससे प्रकाशन  से पहले ही त्रुटियों और विसंगतियों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, सभी प्रकाशित डेटा को एक सार्वजनिक भंडार में संग्रहीत किया जायेगा और यह सभी के लिए नि: शुल्क  उपलब्ध होगा।

7. औपचारिक संश्लेषण (Formal Synthesis)

पूर्व -पंजीकरण शोधकर्ताओं को अलग से वित्त-पोषित परियोजना टीम के द्वारा इकट्ठा किये गए डाटा का मेटा-विश्लेषण करने के लिए एक पूर्व निर्दिष्ट योजना (pre-specify a plan) बताने की अनुमति देगा, जिससे परिणामों की औपचारिक संश्लेषण बेसियन (Bayesian) और  बहुस्तरीय मेटा-विश्लेषण तकनीकों के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके अलावा, अनुसंधान टीमें एक कारक मॉडल का इज़ाद कर सकते जिससे संदर्भों के कारण पड़ने वाले प्रभाव को मापा जा सके। एकीकृत केस सिलेक्शन ऐसे थ्योरी को बल देगा जो पूर्व-विनिर्दश तरीके से यह बता सके की हस्तक्षेप परिणामों किस चैनेल के माध्यम से  प्रभावित करते हैं। 

8. एकीकृत प्रकाशन 

इसके अलावा अलग-अलग शैक्षिक पेपर और संछिप्त नीति विवरण के साथ, सभी वित्त-पोषित शोधकर्ताओं और संचालन समिति के सदस्य एक साथ एक उससे अधिक किताबों पर साथ काम करेंगे जो अलग-अलग अध्ययनों के परिणाम का एकीकृत विश्लेषण देगा।