EGAP प्रधान शोधकर्ता: Melina Platas Izama, Pia Raffler
स्थान : यूगांडा

Registration: 20150820AA

हस्तक्षेप करने की तारीख : मई 2015 - फरवरी 2016 (प्राइमरी चुनाव 2015 और आम चुनाव 2016)

पृष्ठभूमि: सूचना का राजनैतिक व्यव्हार पर क्या असर पड़ता है? इस अध्धययन जोकि यूगांडा के 2015 के प्राइमरी और 2016 के आम चुनावों के समय किया जायेगा उससे यह जानने की कोशिश की जाएगी कि किन परिस्थितयों में उम्मीदवारों और सरकार के कामकाज के बारें में जानकारी देने से वोटरों के मतदान व्यव्हार पर असर पड़ता है। हम सूचना देने के लिए दो तरह के तरीको का इस्तेमाल करेंगे: उम्मीदवारों से मिलकर वाद-विवाद बैठक जैसे "उम्मीदवारों से मिलिए" (Meet the candidate) और स्कोर कार्ड। "उम्मीदवारों से मिलिए" बैठक में लोगों को उम्मीदवारों की विभिन्न नीतियों पर क्या विचार है उससे जुड़े प्रश्नो का वीडियो-रिकार्डेड मैसेज दिखाएंगे। कुछ पोलिंग बूथों पर यह वीडियो-रिकार्डेड मैसेज पर सार्वजानिक रूप से दिखाया जायेगा और कुछ पोलिंग बूथों पर यह निजी रूप से दिखाया जायेगा। यह वीडियो-स्क्रीनिंग 2015 के प्राइमरी और 2016 के आम चुनावों के समय दोनों - पार्टी के भीतर (intra-party) और पार्टियों के बीच में (inter-party) - चुनावी माहौल में दिखाया जायेगा। इस तरह से हम मतदान व्यव्हार पर असर करने वाले दो कारको की व्यवस्थित ढंग से परिक्षण करेंगे : चुनावी माहौल और सूचना देने का निजी या फिर सार्वजनिक तरीका।

रिसर्च डिज़ाइन: कॉमन ट्रीटमेंट में सभी को स्कोर कार्ड की मदद से स्थानीय सरकार और सार्वजनिक सेवाओं की पूर्ती के लेखा-परीक्षा की जानकारी उत्तरदाताओं को सर्वे के माध्यम से दी जाएगी। वैकल्पिक ट्रीटमेंट में लोगों को निजी या सार्वजानिक रूप से "उम्मीदवारों से मिलिए" बैठक का वीडियो-रिकार्डेड मैसेज दिखाया जायेगा और यह जानने कोशिश की जाएगी कि सार्वजानिक सूचना से मतदान व्यव्हार पर क्या असर पड़ता है।

प्रकल्पना :
  • राजनैतिक सूचना  (वीडियो-रिकार्डेड मैसेज का देखना): यह राजनैतिक ज्ञान, मतदान, और उस उम्मीदवार के वोट में इजाफा करेगा जिसने "उम्मीदवारों से मिलिए" वीडियो-मैसेज में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है 
  • राजनैतिक सूचना  (वीडियो-रिकार्डेड डिबेट का देखना): यह पार्टी के भीतर (intra-party)  के बजाय पार्टियों के बीच में (inter-party) माहौल में जीतने वाले के वोटों को , मतदान को , और  राजनैतिक ज्ञान को बढ़ाएगा। 
  • अगर दर्शको की नज़रों में कोई उम्मीदवार वीडियो-मैसेज में ख़राब प्रदर्शन करता है तो वह पार्टियों के बीच में (inter-party) के बजाय पार्टी के भीतर (intra-party)  माहौल में ज्यादा मतदान प्रतिशत में गिरावट लाएगा।  अगर चुनावी माहौल ध्रुवीकृत हो चूका है तो ख़राब प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवार के समर्थक पार्टियों के बीच में (inter-party) माहौल में किसी और उम्मीदवार को अपना वोट दे देंगे, लेकिन पार्टी के भीतर (intra-party)  माहौल में ऐसा होने की सम्भावना बहुत कम है। 
  • राजनैतिक जानकारी अगर व्यक्तिगत तौर पर देने के बजाये सामूहिक रूप से दी जाये तो उसका प्रभाव मतदान व्यव्हार पर ज्यादा होगा।  जो उम्मीदवार वीडियो-मैसेज में सबसे अच्छा प्रदर्शन करता प्रतीत होगा उसे उन वोटरों से ज्यादा समर्थन मिलेगा जिन्होंने सामूहिक रूप से प्रसारण देखा था बजाय उन वोटरों से जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रसारण देखा था। 
  • सत्ताधारी पार्टी या उसके उम्मीदवारों को उन क्षेत्रों में कम समर्थन मिलेगा जहाँ उस